Desi Upayon Se Karen Swapndosh Ki Samasya Ka Upchar

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 देसी उपायों से करें स्वप्नदोष की समस्या का उपचार

स्वप्नदोष(Nightfall)-

अश्लील स्वप्न देखने से या बिना स्वप्न देखे ही यदि रात में सुप्तावस्था में वीर्य स्खलित हो जाये तो इसे स्वप्नदोष कहते हैं। असंयमित वीर्यरक्षण, कामोत्तेजक वातावरण, अश्लील चित्र देखना एवं अश्लील पुस्तकों को पढ़ना, मुख्य कारण हैं। किसी आकर्षक विपरीत लिंगी के प्रति विशेष रूप से आकर्षित होकर बराबर मनन करना विभिन्न प्रकार के संभोग संबंधी विचारों में खोये रहना आदि इस रोग के मुख्य कारण हैं।

देसी चिकित्सा-

स्वप्नदोष होना यूं तो एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जो युवावस्था में ज्यादा प्रभावित करता है। इसकी चिकित्सा या रोकथाम के लिए सबसे पहले जरूरी है कि व्यक्ति अपनी सोच को सही रखे, बुरी आदतों, बुरी संगत ओर अश्लील पुस्तकों और चलचित्र से दूरी बनाये रखे। इस बदलाव से ‘नाईट फाल’ को रोकने में काफी हद तक मदद मिलती है।
लेकिन अगर फिर भी नींद में वीर्य स्खलन बहुत ज्यादा होता है या फिर हर रात होता है, तो यह एक गंभीर समस्या बन सकती है।

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आइए जानते हैं इस समस्या के लिए कुछ देसी उपायों के बारे में..

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1. कर्पूर 250 मि.ग्रा. और अफीम 20 मि.ग्रा. की गोली बनाकर सोते समय लेने से अपने आप वीर्य निकलना(स्खलित होना) और प्रमेहे की शिकायत दूर हो जाती है।

2. कमल की जड़ पीसकर नित्य लेने से अनैच्छिक वीर्यस्राव होना बंद हो जाता है।

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3. अनैच्छिक वीर्यस्राव में छिरबेल की जड़ को सुखाकर और पीसकर दूध तथा शक्कर के साथ सुबह-शाम लेने से लाभ होता है।

4. जसमत(यूनानी नाम) को तकिये के नीचे रखकर सोने से अनैच्छिक वीर्यपात नहीं होता और ना गंदे स्वप्न आते हैं।

5. तालमखाना के बीज का चूर्ण 4 से 8 ग्राम नित्य मिश्री मिले गाय के दूध के साथ लेने से अनैच्छिक वीर्यस्राव नहीं होता है।

6. बरियार की जड़ लेने से अनैच्छिक वीर्यस्राव नहीं होता है।

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7. बहुफली के ताजे पौधे को पानी से धोकर पानी में पीस छानकर लुआबदार रस 1 औंस में शक्कर 10 ग्राम और पीपर का चूर्ण 500 मि.ग्रा. मिलाकर सुबह-शाम दें। यदि हरी बहुफली न मिले तो सूखी को यवकुट करके पानी में दो घंटे भिगोकर, मलकर व छानकर शक्कर और पीपर का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम दें। पूर्ण प्रभावी योग है।

8. नागरबेल के पान में बंग भस्म रखकर खाने से वीर्य की रक्षा होती है।

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