Nightfall(Swapandosh) Ke Karan Lakshan Aur Desi Upay

Nightfall(Swapandosh) Ke Karan Lakshan Aur Desi Upay

स्वप्नदोष के कारण, लक्षण और देसी उपाय

स्वप्नदोष, नींद में वीर्यपात होना

नींद में वीर्य निकल जाना(Nightfall, Noctural Emission)

परिचय-

सुप्तावस्था में अर्थात् जब सो रहे हों, स्वप्नदोष देखे या बिना देखे वीर्य निकल जाये उसे ‘स्वप्नदोष’ कहते हैं।

स्वप्नदोष के कारण-

1. हमेशा ‘काम’ के बारे में सोचते रहना।

2. कामोत्तेजक विचारों में डूबे रहना।

3. अश्लील पुस्तकें पढ़ना।

4. अश्लील चित्रों को बार-बार देखना।

5. अश्लील वातावरण में अधिक समय बिताना।

6. मानसिक रूप से दुव्र्यसनों का शिकार होना।

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7. हस्तमैथुन एवं अन्य अप्राकृतिक मैथुनों का आदि होना।

8. आहार एवं पेय में गर्म तथा उत्तेजक पदार्थों का अधिक प्रयोग करना।

9. मानसिक परिश्रम अधिक करना।

10. खट्टे पदार्थों को आहार में अधिक लेना आदि।

अतः जो इस रोग से बचना चाहते हैं या इससे मुक्ति पाना चाहते हों, उन्हें चाहिए कि इनसे बचें।

स्वप्नदोष के लक्षण-

Nightfall(Swapandosh) Ke Karan Lakshan Aur Desi Upay

1. दिन-पर-दिन कमज़ोर होते जाना।

2. चेहरा कांतिहीन होना।

3. सौन्दर्य का फीका होना।

4. नाना प्रकार के रोग होना।

5. मानसिक दुर्बलता।

6. गाल पिचक जाना।

7. आंखों का धस जाना।

8. सिर भारी-भारी रहना।

9. थोड़े परिश्रम से थक जाना।

10. कब्ज़ होना।

11. शीघ्रपतन का शिकार होना।

12. मूत्र के साथ वीर्य निकल जाना।

13. शरीर टूटना।

14. उदास और तनाव ग्रस्त रहना आदि।

स्वप्नदोष में आहार-विहार-

1. सुबह-शाम खुली वायु में घूमना।

2. सात्विक, सुपाच्य एवं शरीर के अनुकूल आहार लेना।

3. पवित्र विचारों का मनन करना।

4. अच्छे सद्साहित्य का अध्ययन करना।

5. मन को प्रसन्न रखना।

6. मूत्र करने के बाद लिंग को धोना।

7. प्रतिदिन सवेरे स्नान करना आदि।

स्वप्नदोष के लिए देसी योग-

1. बरगद की जटा का चूर्ण 3-6 ग्राम सुबह-शाम मिश्री मिले दूध के साथ सेवन करें। स्वप्नदोष, शीघ्रपतन एवं अन्य समस्त वीर्यदोष दूर हो जाते हैं।

2. शतावरी, असगन्ध नागौरी और विधारा, ये सभी समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम, प्रति मात्रा 3 ग्राम, शुष्म गोदुग्ध के साथ दें।

3. सूखा धनिया 3 से 6 ग्राम खण्ड के साथ प्रतिदिन रात को सोने से पहले दें, स्वप्नदोष में आराम पहुंचेगा।

Nightfall(Swapandosh) Ke Karan Lakshan Aur Desi Upay

4. अफीम 3 ग्राम को स्प्रिट 50 मि.ली. में घोल लें। प्रतिदिन रात को सोते समय इन्द्री और उसके आसपास लगाकर सोने से स्वप्नदोष नहीं होता है।

5. इसबगोल या अलसी के बीज, शर्बत उन्नाब या शर्बत नीलोफर के साथ प्रतिदिन 2 बार सेवन करने से प्रत्येक प्रकार का स्वप्नदोष और वीर्य प्रमेह(मूत्र के समय वीर्य निकल जाना) ठीक हो जाता है।

6. शुद्ध कपूर 125 मि.ग्रा. का खुरासानी अजवायन के चूर्ण के साथ प्रतिदिन रात को सोने से पहले दें।
सावधानी- कपूर की मात्रा अधिक होने पर घातक सिद्ध हो सकता है।

7. बड़ी गोखरू की फाँट सुबह-शाम सेवन करने से लाभ होता है।

8. बड़ी गोखरू के फलों का चूर्ण 2 ग्राम शर्करा एवं घृत के साथ लेकर ऊपर से मिश्री मिला दूध पीने से स्वप्नदोष नहीं होता है।

9. समुद्रशोष के बीज 3 से 6 ग्राम पानी में भिगोकर लुआबदार घोल तैयार होने पर मिश्री मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से वीर्य का स्तम्भन होता है। अर्थात् यह योग स्वप्नदोष और शीघ्रपतन में बहुत उपयोगी है।

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