Tag: best ayurvedic medicine for nightfall

Swapandosh Ko Door Karne Ke Liye Ayurvedic Upay Kya Hai

Swapandosh Ko Door Karne Ke Liye Ayurvedic Upay Kya Hai

स्वप्नदोष को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय क्या हैं? स्वप्नदोष, नाईट फाॅल(Nightfall) जब किसी व्यक्ति को हस्तमैथुन से पैदा हुई कमजोरियां महसूस होने लगती हैं, तो वह अपनी इच्छाओं को किसी तरह दबाकर हस्तमैथुन छोड़ने की कोशिश करता है, जिससे वह अपने हाथों पर तो काबू पा लेता है, लेकिन मन पर नियंत्रण नहीं …

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Swapandosh Ke Karan Aur Desi Ayurvedic Upay Kya Hai?

Swapandosh Ke Karan Aur Desi Ayurvedic Upay Kya Hai?

स्वप्नदोष के कारण और देसी आयुर्वेदिक उपाय क्या हैं? क्या होता है स्वप्नदोष(Nightfall)? जब कोई स्त्री या पुरूष स्वप्न में उत्तेजक या कामुक दृश्य देखने के दौरान स्खलित हो जाये तो उस अवस्था को स्वप्नदोष कहा जाता है। यदि ऐसा 2-3 माह में एक से दो बार होता है, तो यह कोई दोष या रोग …

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Swapandosh Dur Karne Ka Gharelu Aur Ayurvedic Upchar

Swapandosh Dur Karne Ka Gharelu Aur Ayurvedic Upchar

स्वप्नदोष दूर करने का घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार स्वप्नदोष, बदख्वाब, एहतलम नाइट फाॅल (Nightfall, Nocturnal Emission, Night Discharge) स्वप्नदोष क्या होता है? गरम, कामोत्तेज व अश्लील स्वप्न(सपना) देखने से आई उत्तेजना के कारण या फिर बिना स्वप्न देखे ही रात को नींद में वीर्य स्खलित हो जाने को स्वप्नदोष कहते हैं। स्वप्नदोष के कारण 1. अश्लील वातावरण …

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Swapandosh Ki Samasya Se Chutkara Pane Ke Desi Upay

Swapandosh Ki Samasya Se Chutkara Pane Ke Desi Upay

स्वप्नदोष के कारण और निवारण(Nightfall Treatment)- सुप्तावस्था में वीर्य का स्खलित होना। स्वप्नदोष कहलाता है। काफी समय से सम्भोग ना करना, अश्लील पुस्तकें पढ़ना, अश्लील चित्र देखना, कामवृत्ति को जगाने वाली बातों में अधिक रूचि लेना, वीर्यवर्धक औषधियों का अधिक प्रयोग करना, अप्राकृतिक मैथुन का आदी होना, स्वप्नदोष के कारण हैं। यदि आप अपनी पत्नी, …

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Nightfall(Swapandosh) Rokne ke Aasan Ayurvedic Upay

Nightfall(Swapandosh) Rokne ke Aasan Ayurvedic Upay

स्वप्नदोष(Nightfall)- युवावस्था के जब लक्षण फूटने प्रारम्भ हो जाते हैं, अधिकांशत: उस समय यह रोग होता देखा जाता है। चिकित्सा के लिए जाने वाले युवा लड़के अधिकतर 22-24 वर्ष की आयु में आते हैं, जबकि इस रोग के लक्षण 14-15 वर्ष की आयु में ही प्रारम्भ हो जाते हैं। इस रोग की शुरूआत हो जाने …

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